मेरठ से प्रयागराज तक लंबी दूरी को कम समय में तय करने के लिए सपनों का साकार करने वाला गंगा एक्सप्रेसवे का संचालन कुंभ से पहले नहीं हो सकेगा क्योंकि दिल्ली एनसीआर में एक्यूआई बढ़ने से सरकार के द्वारा ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण के प्रतिबंधों लागू किया गया। जिससे गंगा एक्सप्रेसवे भी प्रभावित हुआ क्योंकि दिल्ली एनसीआर के अंतर्गत मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे जिलों में यह आदेश प्रभावी होता है।
इससे प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले 2025 से पहले शुरू करने की समय सीमा पूरी नहीं हो पाएगी। 18 दिसंबर 2024 तक गंगा एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वर्तमान में निर्माण की प्रगति उम्मीद से पीछे है। फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे की भौगोलिक प्रगति 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि स्ट्रक्चर का कार्य 98 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।
हालांकि, समग्र रूप से अभी तक ओवरआल 71 प्रतिशत निर्माण कार्य ही पूर्ण हो सका है। इस देरी के कारण परियोजना के मार्च-अप्रैल 2025 तक पूरा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खास बात यह है कि संभल जिले में यह एक्सप्रेस वे आगरा मुरादाबाद नेशनल हाईवे को जिला मुख्यालय बहजोई के निकट लहरावन गांव पर ओवरपास करेगा, जहां पर इंटरचेंजिंग को सुविधा के लिएभी कार्य चल रहा है और यहीं पर अलीगढ़ बरेली रेलवे ट्रैक पर भी ओवर ब्रिज बन रहा है दो ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य तकरीबन 98 प्रतिशत पूरा हो गया है।
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधीन हो रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे से न केवल राज्य के पश्चिमी और पूर्वी भागों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। इसके अलावा, सर्विस लेन और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों का कार्य भी तेजी से प्रगति कर रहा है। मिट्टी से जुड़ा कार्य अभी तक 35 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
450 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण
संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 38 किलोमीटर है। इस परियोजना के लिए जिले के 31 गांवों से होकर एक्सप्रेसवे गुजरेगा, जिनमें 17 गांव संभल तहसील और 14 गांव चंदौसी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। संभल तहसील में यह ततारपुर से शुरू होकर चंदौसी तहसील के नगरिया कठेर तक विस्तारित होगा। परियोजना के लिए संभल जिले में 450 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 450 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। भूमि अधिग्रहण का कार्य जून 2021 तक पूरा कर लिया गया था, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ।
