उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विशाल महाकुंभ चल रहा है। बुधवार को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान था। इस स्नान के लिए पूरी दुनिया से लोग यहां पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लगभग 10 करोड़ लोगों को भीड़ उमड़ी थी। घटना के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की है।
हम मदद मांग रहे थे कोई नहीं आया'
एक महिला ने बताया कि हम लोगों के बीच में बाहर के कुछ लोग घुस आए और धक्का देते हुए आगे चले गए। हम चिल्ला रहे थे। पुलिस और प्रशासन को मदद के लिए बुला रहे थे। कोई नहीं आया। सीआरपीएफ वाले भी वहां नहीं थे। मेरे पति को अस्पताल ले गए हैं, कोई सूचना नहीं है। कर्नाटक के बेलगाम से आई महिला विद्या साहू ने बताया कि हम लोग जा रहे थे। उल्टी दिशा से लोग झुंड में आए और सबको दबाते हुए निकल गए। हम लोग खंभे की तरफ दब गए। हम लोग दो बस में आए थे। अभी हमारे पांच लोग नहीं मिल रहे हैं।
चीखें और सायन की आवाज ही गूंज रही थी'
एक अन्य महिला ने बताया कि भीड़ में हम सब लोग दब गए। हम चिल्ला रहे थे। मैं संगम की तरफ नहाने जा रही थी। हमारे साथ हमारा पूरा एक ग्रुप था। अचानक तेज आवाज सुनाई दीं। लोग भाग रहे थे। मैं डर गई और एक तरफ खड़ी हो गई। कुछ समझ नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद पता चला कि वहां भगदड़ हो गई थी। चीखों के बीच ऐंबुलेंस के सायरन गूंज रहे थे। लोग रो रहे थे और अपनों को ढूंढ रहे थे।
बहन को हाथ खींचकर निकाला'
एक अन्य चश्मदीद महिला ने बताया कि हमारी बहन, बहन की बहू थी। हम लोग नहाने आए थे। हम लोगों को बैरीकेटिंग लगाकर रोका गया था। अचानक बैरीकेट हटाया तो लोग बैरीकेट तोड़ते हुए आगे भागे। भीड़ बेकाबू हो गई और लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए आगे बढ़ गए। हम लोग दब गए। मैंने अपनी बहन को भीड़ के बीच में हाथ से खींचकर निकाला। हमारे एक लोग नहीं मिल रहे हैं।
हमारी सांस रुक गई थी'
कर्नाटक से आई एक महिला ने बताया कि सब ठीक था। हम लोग आ रहे थे अचानक पता नहीं कहां से भीड़ आई। लोग हमारे लोगों को रौंदती हुई निकल गई। हम लोगों की सांस रुक गई। हम लोग चिल्ला रहे थे। लोगों से हाथ जोड़कर रुकने को कह रहे थे। कोई जमीन से उठने तक का मौका नहीं दे रहा था। सब पैरों से रौंद रहे थे। हमें पता होता तो हम कभी यहां नहीं आते। हमारे लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अस्पताल में हैं।
